| युवा संसद विद्यार्थियों को संसदीय शैली में वाद-विवाद, चर्चा एवं निर्णय-प्रक्रिया में भाग लेने का अवसर प्रदान करती है। इसमें भारतीय संसद की कार्यप्रणाली का अनुकरण किया जाता है, जिससे विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, संवाद-कौशल, नागरिक जागरूकता तथा लोकतांत्रिक मूल्यों और संसदीय प्रक्रियाओं की समझ विकसित होती है। सक्रिय सहभागिता के माध्यम से विद्यार्थी शासन व्यवस्था, सार्वजनिक मुद्दों एवं लोकतांत्रिक प्रणाली के कार्यकरण का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करते हैं।
केन्द्रीय विद्यालयों में युवा संसद का आयोजन प्रत्येक वर्ष क्षेत्रीय, संभागीय एवं राष्ट्रीय स्तर पर किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को भारत की संसदीय प्रणाली की कार्यप्रणाली से परिचित कराना तथा उन्हें समसामयिक विषयों पर रचनात्मक एवं लोकतांत्रिक ढंग से अपने विचार व्यक्त करने के लिए प्रोत्साहित करना है। प्रत्येक स्तर की प्रतियोगिता में पाँच टीमें भाग लेती हैं। विद्यालय स्तर पर आयोजित युवा संसद विद्यार्थियों को शिक्षा एवं समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श करने का सार्थक मंच प्रदान करती है। कार्यक्रम का समापन उत्साह, आशावाद एवं जिम्मेदारी की भावना के साथ होता है। यह विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण विषयों पर गंभीरता से विचार करने तथा शिक्षा के भविष्य से जुड़े विमर्श में सकारात्मक योगदान देने के लिए प्रेरित करता है। सत्र के दौरान विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत विविध विचार एवं दृष्टिकोण एक समावेशी, प्रगतिशील एवं प्रभावी शिक्षा व्यवस्था के निर्माण में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हैं। |
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